खुड़िया रानी मंदिर:- छत्तीसगढ़ का जशपुर एक ऐसा जगह है जो प्रकृति से प्यार करने वालों के लिए एक वास्तविक स्वर्ग है। पूरा क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों और विभिन्न जनजातियों के लोगों से भरा हुआ है। धर्म, पौराणिक कथाओं, इतिहास, पुरातत्व और पर्यटन के मामले में सबसे आश्चर्यजनक जिलों में से एक हैं जो किसी भी यात्री को अपनी ओर आकर्षित कर सकता है।

इस जिले में बहुत से आकर्षक जगह है जिन्हें आप देखकर मन्त्र मुग्ध हो जायेंगे बहुत से उन्हीं में एक है खुड़िया रानी मंदिर, जो भक्तजनों ,विश्वशियो के साथ-साथ जो प्राकृतिक सौंदर्य को देखना चाहते है उन्हें भी अपनी ओर आकर्षित करता है। आज हम इस लेख में प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित खुड़िया रानी मंदिर के बारे में जानेंगे।

Khudiya Rani: खुड़िया रानी मंदिर के बारे में जानकारी

खुड़िया रानी मंदिर

खुड़िया रानी जशपुर के छिछली गांव के बगीचा ब्लॉक में स्थित है। बगीचा से छिछली गांव पहुंचने के लिए, लगभग 18-20 किलोमीटर का यात्रा करना पड़ता हैं। वहाँ से लगभग 300-450 मीटर और 5 किलोमीटर तक की जंगलों के बीच की ढलान प्राकृतिक सुन्दरता और हरे भरे पेड़ पौधों के बीच यात्रा करते हुए जाना पड़ता हैं, बीच रास्ते में मंदिर के पास आपको कई सारे दुकाने देखने को मिलेंगे मंदिर तक जाने के लिए आपको लगभग 300 – 400 सीढियों के मदद से नीचे जाना पड़ेगा। उतरने के बाद आप देवी खुड़िया रानी के गुफा तक पहुंचते हैं।

खुड़िया रानी मंदिर पहुंचने के बाद आपको शानदार नज़ारा दिखाई देगा। यह स्थान न केवल अपनी गुफा के लिए बल्कि अपने जलप्रपात और भूवैज्ञानिक विशेषताओं के लिए भी प्रसिद्ध है। खुड़िया रानी गुफा तक पहुँचने के बाद एक सुन्दर नदी जो की चट्टानों के बीच कलकल करती बह रही है और चट्टानों के बीच देवी खुड़िया रानी विराजमान है वहाँ गुफा के चारों ओर की सभी चट्टानें लहरदार और मुड़ी हुई हैं,, जिससे पर्यटकों के लिए एक स्थान पर खड़ा होना मुश्किल हो जाता है चट्टानों के बीच एक गुफा भी है जहाँ से पानी बह रहा है इस गुफा के अंदर जाना है तो टोर्च के साथ अंदर जाये। इन सब के अलावा आपको वहाँ बंदरों की उछल कूद देखने को मिलेगा।

पुजारियों का एक समूह गुफा के बाएं प्रवेश द्वार के ठीक ऊपर रहता है, जहां वे भक्तों के नाम पर प्रार्थना और संस्कार करते हैं गुफा को देवी शक्ति (देवी दुर्गा) के घर के रूप में जाना जाता है। यही पर देवी खुड़िया रानी के नाम से भक्तों के लिए पुजारी एवं भक्त प्रार्थना करते है।

खुड़िया रानी मंदिर का फोटो


खुड़िया रानी मंदिर कब और कैसे जाये

खुड़िया रानी मंदिर आपको मानसून के समय नही जाना चाहिए क्योंकि पहाड़ियों के बीच होते हुए जो रास्ता नीचे गया है ढलान नुमा है मानसून के मौसम में बहुत फिसलनदार हो जाती है तो बारिश के मौसम में नही आना चाहिए, आपको खुड़िया रानी गुफा के साथ जंगल की हरियाली का मज़ा लेना है तो ठंडी के मौसम में जाएँ। वैसे तो गर्मी के मौसम में भी आ सकते है लेकिन गर्मी में नदी, और झरना का पानी कम हो जाता है बारिश के मौसम को छोड़ कर आप किसी भी मौसम में जा सकते है।

  • निकटतम बस स्टैंड : बगीचा बस स्टैंड
  • निकटतम रेलवे स्टेशन : रांची और अंबिकापुर रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा : रांची हवाई अड्डा

खुड़िया रानी मंदिर के आस-पास घुमने की जगह

कैलाश गुफा:- जशपुर में सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है कैलाश गुफा। अलकनंदा जलप्रपात कैलाश गुफा के करीब है, जो इस क्षेत्र को और भी शांतिपूर्ण बनाता है। यह जगह उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जो प्रकृति से प्यार करते हैं और जो लोग धार्मिक हैं। चट्टानों, पानी चारों ओर उछल-कूद करने वाले बंदरों और चहकती चिड़ियों के बीच मन को शांति और प्रकृति के करीब होने की भावना लाता है।

रानीदाह जलप्रपात:- रानीदाह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में महाकालेश्वर मंदिर और पंचभैया के कारण धर्म और इतिहास के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस झरने में साल भर पानी रहता है। यहां हर साल हजारों की संख्या में सैलानी आते हैं। यह बहुत ही सुंदर है और प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर का घर है। लोगों का मानना हैं कि उड़ीसा के राजा की बेटी रानी सिरोमानिया ने इस जलप्रपात में कूद कर जान दे दी थी इस लिए इस जलप्रपात का नाम रानी दाह पड़ा।

राजपुरी झरना:- राजपुरी झरना जशपुर से लगभग 90 किलोमीटर दूर है और जशपुर जिले में बागीचा विकास खंड के कार्यालय से लगभग 3 किमी दूर है। यह जलप्रपात दो पहाड़ों के बीच में है और चट्टानों के ऊपर से काफी ऊंचाई से गिरता पानी एक खूबसूरत नजारा बनाता है। यह जलप्रपात लगभग 100 फीट ऊंचा है। वहाँ शिव मंदिर भी है पर्यटक जलप्रपात देखने के साथ शिव की पूजा भी करते हैं।

यह झरना साल भर खूबसूरत रहता है, लेकिन जब बारिश होती है तो इसकी प्राकृतिक सुंदरता और भी निखर जाती है। यह झरना पिकनिक के लिए एक लोकप्रिय स्थान है, और लोग चाय उत्सव के दौरान वहां जाते हैं। झरने के पास एक सामुदायिक भवन, बैठने और झरने को देखने का स्थान, और एक वॉच टॉवर जहाँ से पर्यटक सुंदर दृश्य देख सकते हैं।

खुड़िया रानी मंदिर कहाँ है?

खुड़िया रानी मंदिर जशपुर जिले के छिछली गाँव में है

खुड़िया रानी मंदिर जशपुर से कितना दूर है?

खुड़िया रानी मंदिर जशपुर से लगभग 135 किलोमीटर दूर है

आज के इस लेख में खुड़िया रानी मंदिर के बारे में जाने, आशा है यह लेख आपको पसंद आया होगा यदि पसंद आया तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।